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- National Conference On Care And Ayurvedic Management Of Chronic Spine Disorders

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- Celebrating Golden Jubilee 50th Anniversary

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Hon’ble
General Secretary

Dr. Naresh Mittal

Hon’ble General Secretary

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Dr. Naresh Mittal

“आयुर्वेद केवल भारत की विरासत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक अमूल्य उपहार है।”

हमारी स्वास्थ्य पत्रिका “SUKHAYU” के नवीनतम संस्करण के प्रकाशन के अवसर पर अपनी हार्दिक प्रसन्नता एवं शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। इस वर्ष की पत्रिका का मुख्य विषय “GLOBALIZATION OF AYURVEDA” अर्थात् समग्र आयुर्वेद है, जिसका यह दर्शाती है।

आयुर्वेद की शक्ति केवल रोगों के उपचार में नहीं, बल्कि रोग-निवारण, स्वस्थ जीवनशैली, व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल तथा प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने में निहित है। आज आयुर्वेद भारत की सीमाओं से निकलकर विश्व के विभिन्न देशों तक पहुँच रहा है और स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा अब “LOCAL TO GLOBAL” की यात्रा कर रही है।

डिजिटल युग में आयुर्वेद के प्रसार की संभावनाएँ और भी व्यापक हो गई हैं। डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, वैश्विक शैक्षणिक सहयोग, ऑनलाइन ज्ञान-साझाकरण तथा आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों आयुर्वेद को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। साथ ही, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आयुर्वेद की मूल भावना, सिद्धांतों और प्रमाणिकता को सुरक्षित रखते हुए इसका वैश्विक विस्तार किया जाए।

श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज और आयुर्वेद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से इस समग्र स्वास्थ्य परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारे संस्थान द्वारा तैयार किए गए आयुर्वेद स्नातक देश के विभिन्न भागों में मानवता की सेवा कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हमारे विद्यार्थी, शिक्षक एवं शोधकर्ता आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

“SUKHAYU” का यह विशेष अंक केवल आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार की चर्चा नहीं करेगा, बल्कि यह हमें एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर विचार करने के लिए भी प्रेरित करेगा। मैं संपादकीय मंडल, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं इस प्रक्रिया से जुड़े सभी सहयोगियों को इस उत्कृष्ट प्रयास के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि “GLOBALIZATION OF AYURVEDA” विषय पर आधारित यह अंक ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं भविष्य के लिए नई दिशा प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।