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Hon’ble Director
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आयुर्वेद भारत की उस ज्ञान-परंपरा का प्रतीक है, जिसने मानव जीवन को केवल रोगों की अनुपस्थिति के रूप में नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संतुलन के रूप में देखा है। आज जब विश्व स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग, प्राकृतिक एवं व्यक्तिगत दृष्टिकोण की ओर अग्रसर है, तब आयुर्वेद की वैज्ञानिक प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है।
हमारी स्वास्थ्य पत्रिका “SUKHAYU” के इस नवीनतम अंक, जिसकी विषय-वस्तु “Globalization of Ayurveda” है, के प्रकाशन पर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह विषय केवल आयुर्वेद के विद्यार्थी विस्तार का परिचायक नहीं है, बल्कि हमारी उस सामूहिक जिम्मेदारी का भी स्मरण कराता है कि हम इस प्राचीन ज्ञान-विज्ञान को आधुनिक विश्व की आवश्यकताओं के अनुरूप सार्थक रूप से प्रस्तुत करें।
आज आयुर्वेद के सामने अपार संभावनाएँ हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में preventive healthcare, wellness, personalized care और sustainable living जैसे सिद्धांतों के महत्व में वृद्धि हो रही है, जो आयुर्वेद की मूल चिंतन से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसलिए यह समय केवल आयुर्वेद को विश्व तक पहुँचाने का नहीं, बल्कि उसकी वैज्ञानिक प्रामाणिकता, गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को सुदृढ़ करने का भी है।
एक वैश्विक संस्थान के रूप में हमारा दायित्व केवल आयुर्वेदिक चिकित्सकों को तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसे शोधकर्ताओं, संवेदनशील और नैतिक दृष्टिकोण रखने वाले अग्रणी व्यक्तियों को तैयार करना भी है, जो आयुर्वेद की मूल भावना को समझते हुए आधुनिक अनुसंधान और नवीन तकनीकों के साथ आगे बढ़ सकें। हमारा विश्वास है कि आयुर्वेद की वैश्विक पहचान में आयुर्वेदिक परंपरा से प्राप्त ज्ञान तथा भारत से विश्व की ओर बढ़ने का योगदान महत्वपूर्ण है।
श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज, ज्ञान समृद्ध विरासत के साथ आधुनिक अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि संस्थान ज्ञान, नवाचार और उत्कृष्टता का ऐसा केंद्र बने, जहाँ राष्ट्रीय आयुर्वेद और आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग संभव स्थापित हो।
मुझे विश्वास है कि “SUKHAYU” का यह विशेष अंक विद्यार्थियों, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं पाठकों को आयुर्वेद के वैश्विक प्रसार पर विचार करने तथा नए विचारों, शोध एवं सहयोग के अवसरों की मार्ग प्रशस्त करेगा।
मैं पत्रिका की संपादकीय टीम एवं इसके प्रकाशन से जुड़े सभी सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रयास के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।
“आयुर्वेदः विश्वस्य स्वास्थ्याय।”
Committed to nurturing skilled, compassionate Ayurvedic practitioners while providing authentic, patient-first Ayurvedic care. Rooted in tradition, driven by purpose.
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